बन के तेरा साया, हां, मैंने खुद को पाया। बन के तेरा साया, हां, मैंने खुद को पाया।
लौटना पड़ेगा अपनी ओर जीवन की ओर मनुष्य होने के एहसास की ओर। लौटना पड़ेगा अपनी ओर जीवन की ओर मनुष्य होने के एहसास की ओर।
वो सर से पाँव तक पूरी इशारा। वो सर से पाँव तक पूरी इशारा।
छू लू जरा आज ऐसे अभी छू लू जरा आज ऐसे अभी
शराबी हूँ माना... मगर तेरा साक़ी, ग़मों का ये दरिया पिलाना गलत था। शराबी हूँ माना... मगर तेरा साक़ी, ग़मों का ये दरिया पिलाना गलत था।
अब ना रहा मैं जुआरी व शराबी, मुझे तो पसंद है तेरा चेहरा तेज़ाबी। अब ना रहा मैं जुआरी व शराबी, मुझे तो पसंद है तेरा चेहरा तेज़ाबी।